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अखिल भारतीय किसान सभा का 38वाँ बिहार राज्य सम्मेलन

अखिल भारतीय किसान सभा का 38वाँ बिहार राज्य सम्मेलन

अखिल भारतीय किसान सभा का 38वाँ बिहार राज्य सम्मेलन 6 से 8 जून 2026 तक पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में संपन्न हुआ। इसमें राज्य के 30 जिलों से आए 315 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चंपारण 1917 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए नील किसानों के ऐतिहासिक संघर्ष की प्रसिद्ध धरती है। इसके बाद भी इस जिले में जमींदारी उन्मूलन, भूमि अधिकारों तथा अन्य मुद्दों पर किसान सभाके नेतृत्व में अनेक तीखे संघर्ष हुए हैं।

इसी जिले में किसान सभा राज्य उपाध्यक्ष राजमंगल प्रसाद ने 2025 के विधानसभा चुनाव में पिपरा सीट से 99,677 वोट प्राप्त किए थे, लेकिन वे बहुत कम अंतर से चुनाव जितने से रह गए। वर्तमान में राजमंगल प्रसाद एक पुराने मामले में जेल में बंद हैं, जिसपे प्रभावशाली भाजपा नेताओं द्वारा झूठे आरोप लगाए गए हैं। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सभी वक्ताओं ने इसकी कड़ी निंदा की। सम्मेलन के दौरान डॉ. अशोक ढ़वले, बादल सरोज, लालन चौधरी, विधायक अजय कुमार तथा सत्येंद्र मिश्रा ने मोतिहारी केंद्रीय कारागार में जाकर राजमंगल प्रसाद से मुलाकात की।

शोक प्रस्ताव के बाद पुरे जोश के साथ खुले सत्र का उद्घाटन किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद अमरा राम ने किया। इस सत्र को किसान सभाके राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक ढ़वले, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज एवं अवधेश कुमार, राज्य उपाध्यक्ष लालन चौधरी और विधायक अजय कुमार व राज्य महासचिव बिनोद कुमार ने संबोधित किया, सत्र की अध्यक्षता राज्य अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिंह ने की। सभी वक्ताओं ने भाजपा-नीत केंद्र और राज्य सरकारों की किसान-विरोधी नीतियों की तीखी आलोचना की तथा उनके खिलाफ संघर्षों को तेज करने का आह्वान किया।

किसान सभा राज्य महासचिव बिनोद कुमार ने संगठनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर प्रतिनिधियों ने समृद्ध चर्चा की। बिहार में किसान सभालगातार स्वतंत्र किसान आंदोलनों के साथ-साथ संयुक्त किसान मोर्चाके नेतृत्व में चल रहे संयुक्त संघर्षों में भी सक्रिय रही है।

दूसरे दिन “संयुक्त किसान संघर्ष – वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें मुख्य वक्तव्यकिसान सभाके राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अशोक ढ़वले ने दिया। अन्य वक्ताओं में एआईकेएम के राज्य सचिव उमेश सिंह, एआईकेएस (अजय भवन) के नेता मिथिलेश झा, एआईकेकेएमएस के नेता लाल बाबू राय तथा केकेयुके नेता संजय श्याम शामिल थे।

तीसरे और अंतिम दिन महासचिव के जवाब के बाद रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। शेष प्रस्ताव प्रभुराज नारायण राव द्वारा प्रस्तुत किए, जिन्हें भी सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। परिचय पात्र समिति की रिपोर्ट रणधीर यादव द्वारा राखी गई।

सम्मेलन ने 85 सदस्यीय नई राज्य परिषद का चुनाव किया। परिषद ने 15 राज्य पदाधिकारियों का चुनाव किया, जिनमें विधायक अजय कुमार को नया राज्य अध्यक्ष, बिनोद कुमार को पुनः राज्य महासचिव तथा मनोज चंद्रबंशी को नया वित्त सचिव चुना गया।

अन्य निर्वाचित पदाधिकारी मे राजेंद्र प्रसाद सिंह, लालन चौधरी, अवधेश कुमार, प्रभुराज नारायण राव, मोहम्मद सत्तार, संजय कुमार उपाध्यक्ष और राजमंगल प्रसाद, श्याम भारती, रणधीर यादव, मनोज कुमार यादव, मनोज प्रसाद सुनील, दयानिधि चौधरीसंयुक्त सचिव है। राज्य परिषद अपनी अगली बैठक में राज्य कार्यकारिणी का चुनाव करेगी।

सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज के जोशीले समापन भाषण के साथ हुआ। यह निर्णय लिया गया कि बिहार के सभी जिलों में 10 अगस्त केजेल भरो आंदोलन को ऐतिहासिक सफलता दिलाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की जाएँगी। साथ ही स्थानीय संघर्षों को मजबूत करने और संगठन का व्यापक विस्तार करने पर ज़ोर दिया जाएगा।

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