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उत्तराखंड किसान सभा का छठा राज्य सम्मेलन
उत्तराखंड किसान सभा का छठा राज्य सम्मलेन संगठन के विस्तार और मजबूत करने केसंकल्प के साथ देहरादून जिले के डोईवाला में 28-29 दिसम्बर 2025 को संपन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुवात जनसभा से हुई जिसे किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव बीजू कृष्णन, केंद्रीय कमेटी सदस्य पुष्पेन्द्र त्यागी व मनोज कुमार, राज्य सचिव गंगाधर नौटियाल , सीटू के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र नेगी, राज्य वित्त सचिव शिव प्रसाद देवली, देहरादून जिला अध्यक्ष दिलजीत सिंह और अन्य नेताओ द्वारा संबोधित किया गया। सभा की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सहजवान ने की ।

प्रतिनिधि सत्र की शुरुवात अध्यक्ष द्वारा किसान सभा के झंडारोहण से हुई। किसान सभा केंद्रीय कमेटी सदस्य पुष्पेन्द्र त्यागी द्वारा उद्घाटन भाषण दिया गया। सम्मेलन में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से 88 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राज्य सचिव गंगाधर नौटियाल द्वारा 28 दिसम्बर को गत तीन वर्षों की गतिविधि एवं सांगठनिक रिपोर्टपेश की गई। 28 और 29 दिसम्बर को विभिन्न जिलों से आए कुल 18 प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लेते हुए संगठन की कमजोरियों और संगठन के विस्तार की संभावनाओं पर सृजनात्मकचर्चा की। सम्मेलन में.जंगली जानवरों व आवारा पशुओं के आतंक और इनसे होती जानमाल की क्षति, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी , गन्ने का समर्थन मूल्य 500 रुपए करने ,घटतौली पर सख्ती से रोक लगाने , सरकारी भूमि , ग्राम पंचायत, चाय बागानों व वन गूजरों को मालिकाना अधिकार देने , सरकार प्रायोजित साम्प्रदायिकता व नफ़रत की राजनीति रोकने , वी बी – राम जी बिल को निरस्त कर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून को लागू करने तथा अंकिता भंडारी कांड के दोषी वी आई पी व अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार करने सम्बन्धी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए।
सम्मलेन के अंतिम सत्र में 29 दिसंबर को रिपोर्ट को जवाब के बाद सर्वसम्मति से पास किया गया। महिला के लिए एक रिक्त स्थान के साथ 25 सदस्यीय नई राज्य समिति का सर्वसम्मति चुनाव किया गया। नई राज्य समिति द्वारा 10 सदस्यीय पदाधिकारी मंडल चुना गया जिसमें शिव प्रसाद देवली अध्यक्ष, भोपाल सिंह रावत सचिव व सत कुमार वित्त सचिव के तौर निर्वाचित हुए । किसान सभा के महासचिव बीजू कृष्णन द्वारा समापन भाषण देते हुए संगठन के विस्तार के लिए जरुरी पहलूओ पर चर्चा की गई। नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद दिया गया। हौंसले, उत्साह और संगठन विस्तार व सुदृढ़ीकरण की संभावनाओ के बीच सम्मेलन का समापन हुआ।